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यूपी में सीमा विस्तार वाले इन नए इलाकों पर 900 करोड़ खर्च करेगी सरकार, मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

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लखनऊ। प्रदेश सरकार नगरीय निकायों के सीमा विस्तार के बाद शहरी दायरे में शामिल हुए नए इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इन क्षेत्रों में सड़क, नाली, नाला, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।

2026-27 के बजट में होगा प्रावधान

नगर विकास विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस धनराशि की मांग करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार नगर पंचायतों में विकास कार्यों के लिए करीब 340 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि सीमा विस्तार के तहत नए शहरी क्षेत्रों में लगभग 562 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित है।

शहरी आबादी बढ़ाने पर सरकार का फोकस

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शहरी आबादी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों की ओर से शहरी आबादी का प्रतिशत 22 से बढ़ाकर 40 से 50 प्रतिशत तक करने का सुझाव दिया गया है। इसी रणनीति के तहत प्रदेश में शहरीकरण को गति दी जा रही है।

762 नगरीय निकायों में चल रहा विस्तार का काम

वर्तमान में प्रदेश में कुल 762 नगरीय निकाय मौजूद हैं। नई नगर पंचायतों के गठन के साथ-साथ नगर निगमों और नगर पालिका परिषदों के सीमा विस्तार की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। इसके चलते पहले ग्रामीण रहे क्षेत्रों को अब शहरी मानकों के अनुरूप विकसित किया जाना आवश्यक हो गया है।

ग्रामीण से शहरी बने इलाकों में विकास की जरूरत

सीमा विस्तार के बाद शहरी क्षेत्र में शामिल हुए गांवों में अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इन्हें दूर करने के लिए शहरी मानकों के अनुसार विकास कार्य कराए जाने की योजना बनाई गई है। नगर विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हालिया बैठक में इस आवश्यकता को गंभीरता से रखा गया।

पिछले बजट के बावजूद अधूरे काम

पिछले वित्तीय वर्ष में नए शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, लेकिन जरूरत के अनुपात में सभी क्षेत्रों में काम पूरे नहीं हो सके। इसी कारण आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में अतिरिक्त प्रावधान करने की तैयारी की जा रही है, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके।

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