उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में प्रसारित
Home व्यापार कच्छ के ‘बंजर’ जमीन पर 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा अडानी समूह
व्यापार

कच्छ के ‘बंजर’ जमीन पर 1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा अडानी समूह

Share
Share

अदाणी ग्रुप अब गुजरात के कच्छ क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने जा रहा है. अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि ग्रुप अगले पांच सालों के अंदर कच्छ में 1.5 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करेगा.

करण अदाणी ने कहा, “गुजरात वह स्थान है जहां से हमारी यात्रा शुरू हुई और गुजरात ही वह स्थान है जहां हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता टिकी हुई है. इसी आधार पर आगे बढ़ते हुए, अदाणी समूह अगले पांच सालों में कच्छ एरिया में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है. हम अपनी खवड़ा परियोजना को पूरा करेंगे और 2030 तक इसकी पूरी 37 गीगावाट क्षमता को चालू कर देंगे. साथ ही, हम अगले 10 सालों में मुंद्रा में अपनी बंदरगाह क्षमता को दोगुना कर देंगे”.

करण अदाणी ने बताया कि ये निवेश भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं, जिनमें नए रोजगार बनने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा, स्थिरता शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे भारत 2047 के विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है, गुजरात इस राष्ट्रीय परिवर्तन का एक अहम स्तंभ बना रहेगा.

‘मुंद्रा हमारी कर्मभूमि है’

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) को संबोधित करते हुए करण अदाणी ने कहा, “मुंद्रा हमारी कर्मभूमि है, जो आज भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट होने के साथ-साथ कॉपर स्मेल्टर और सोलर मैन्युफैक्चरिंग का भी केंद्र है. मुंद्रा दिखाता है कि कैसे लॉन्ग-टर्म विजन न केवल एक क्षेत्र को, बल्कि उद्योगों को भी बदल सकता है. यह न केवल भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स गेटवे है, बल्कि भारत के सबसे बड़े कॉपर स्मेल्टर प्लांट, कोल-टू-PVC कॉम्प्लेक्स और सोलर मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का भी घर है.

दुनिया देखेगी खावड़ा का दम

अदाणी ग्रुप खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित कर रहा है. करण अदाणी ने भरोसा दिलाया कि साल 2030 तक इसकी पूरी 37 गीगावाट क्षमता को शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने इसे केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भारत का एक स्टेटमेंट बताया कि विकास और पर्यावरण की सुरक्षा साथ-साथ चल सकते हैं.

“अदाणी ग्रुप के लिए, गुजरात सिर्फ इन्वेस्टमेंट का राज्य नहीं है. यह हमारी नींव है. हमारे चेयरमैन गौतम अदाणी, हमेशा से मानते हैं कि हमारे ग्रुप का विकास देश के विकास से अलग नहीं हो सकता.”- करण अदाणी, एमडी, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड

विकसित भारत की ओर कदम

एक दशक से ज्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और 2014 से देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व की करण अदाणी ने सराहना की. पीएम मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि, “गुजरात ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का असली मतलब दुनिया को सिखाया है. गुजरात में लिए गए तुरंत फैसलों और संस्थानों के प्रति सम्मान ने उद्योगों के फलने-फूलने के लिए एक शानदार माहौल तैयार किया है. बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है. पॉलिसी में स्थिरता वापस आ गई है.”

‘भारत एक उज्ज्वल भविष्य की ओर उभर रहा’

करण अदाणी ने कहा कि, “भारत आज के समय में इन्वेस्ट और मैन्युफैक्चरिंग के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थलों में से एक है. ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता का सामना कर रही है, भारत एक उज्ज्वल भविष्य की ओर उभर रहा है, लगभग 8% की वृद्धि दर से विकास कर रहा है, अपने मैन्युफैक्चरिंग आधार का विस्तार कर रहा है और आत्मविश्वास के साथ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.”

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Related Articles
व्यापार

केंद्र सरकार ने 10 मिनट में डिलीवरी उपलब्ध करने वाली सेवाओं को बंद करने का दिया निर्देश

 नई दिल्ली। क्विक कॉमर्स की तेज रफ्तार पर अब ब्रेक लग गया है।...

व्यापार

EPFO की नई सुविधा, BHIM ऐप से निकाल सकेंगे PF का पैसा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 30 करोड़ से अधिक सदस्यों के...

व्यापार

ब्राजील की एम्ब्रेयर के साथ अडाणी ग्रुप बनाएगा जेट विमान

गौतम अडानी समूह ने ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर के साथ...

व्यापार

कौन थे अग्निवेश अग्रवाल? जिनका न्यूयॉर्क में हो गया निधन, वेदांता ग्रुप में मिली थी कौन सी जिम्मेदारी

पटना की गलियों से निकलकर वैश्विक स्तर पर अपना कारोबार साम्राज्य खड़ा...